

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,अतरौलिया। करीब एक सप्ताह से बिजली संकट झेल रहे चिश्तिपुर समेत आसपास के गांवों में शुक्रवार को वैकल्पिक व्यवस्था से विद्युत आपूर्ति बहाल होने के बाद सोशल मीडिया पर ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की भ्रामक सूचना प्रसारित होने से आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण चिश्तिपुर मार्ग पर एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें एफआईआर नहीं, बल्कि नियमित बिजली आपूर्ति चाहिए।ग्रामीणों के अनुसार करीब एक सप्ताह पूर्व आई आंधी-तूफान के दौरान चिश्तिपुर, बरदहवा, देहुला गोसाई, कुलुहिया समेत आसपास के गांवों की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। पानी में बिजली का खंभा गिरने के कारण करीब पांच हजार की आबादी के सामने बिजली संकट खड़ा हो गया। कई दिनों तक आपूर्ति बाधित रहने से गर्मी में ग्रामीणों, खासकर बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पेयजल की समस्या भी उत्पन्न हो गई।लगातार शिकायतों के बाद विद्युत विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत नया खंभा लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू कराई। विभाग के अनुसार पानी सूखने के बाद मूल विद्युत व्यवस्था को भी बहाल किया जाएगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की सूचना प्रसारित होने लगी, जिसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि वे नियमित रूप से बिजली का बिल जमा करते हैं। ऐसे में एक सप्ताह तक बिजली संकट झेलने के बाद आपूर्ति बहाल हुई तो एफआईआर की खबर से उनकी परेशानी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने नारे लगाते हुए कहा, “हमें बिजली चाहिए, एफआईआर नहीं।”सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष मनोज कुमार वर्मा ने कहा कि एक सप्ताह से बिजली नहीं होने के कारण ग्रामीण परेशान थे। विद्युत विभाग से शिकायत के बाद वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली बहाल हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खंभा लगाने और तार खींचने का विरोध किया जा रहा था, जिससे ग्रामीणों को परेशानी हुई।ग्रामीणों में प्रधान रामचेत, पूर्व प्रधान सुभाष चंद्र वर्मा, राधेश्याम कनौजिया, सुनील वर्मा, राजेश वर्मा, पुरुषोत्तम गौड़, बेचू कनौजिया, परदेसी गौड़, पुष्पा देवी, तारा विश्वकर्मा, कौशल्या, नीतू गौड़ और संत राजी समेत अन्य लोगों ने बिजली संकट को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने विद्युत व्यवस्था को स्थायी रूप से जल्द बहाल करने और एफआईआर को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।जेई मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि सभी को बिजली आपूर्ति करना विभाग की प्राथमिकता है। पानी में खंभा गिरने के कारण मजबूरी में विद्युत व्यवस्था बाधित हुई थी। उनके और अन्य अधिकारियों की ओर से लिखित एवं वीडियो बयान के माध्यम से भी बताया गया था कि पानी सूखने के बाद खंभा दोबारा खड़ा किया जाएगा। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है और आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी।
