


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के पर्यटन महानिदेशक डॉ. वेदपति मिश्र ने शुक्रवार को आजमगढ़ मंडल में पर्यटन विकास परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरी कराई जाएं।मंडलायुक्त सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त विवेक, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार तथा आजमगढ़, मऊ और बलिया के जनप्रतिनिधि व अधिकारी शामिल हुए। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 12 नई पर्यटन विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई। इनमें आजमगढ़ के ब्रम्हस्थान, आसाराम कुटी, शिव मंदिर, भगवान परशुराम शिवजी आश्रम ट्रस्ट, हनुमान मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने का प्रस्ताव शामिल है।महानिदेशक ने निर्देश दिए कि प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि संबंधी राजस्व अभिलेख शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद अक्टूबर-नवंबर तक परियोजनाओं का शिलान्यास कराया जाए।बैठक में वर्ष 2016 से 2025 तक पर्यटन विभाग द्वारा पूर्ण कराई गई परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 21 परियोजनाओं में 4 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 17 पर कार्य जारी है। आजमगढ़ के भैरो बाबा मंदिर, बहरा देव बाबा स्थल और मिश्रपुर राम-जानकी मंदिर सहित कई परियोजनाओं में 70 से 90 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है।डॉ. वेदपति मिश्र ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य डीपीआर के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने आईआईटी-बीएचयू और एमएनएनआईटी जैसी तकनीकी संस्थाओं से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांच कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही लंबित धनराशि जारी करने के लिए लखनऊ स्थित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।मंडलायुक्त विवेक और जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने भरोसा दिलाया कि मंडल की सभी पर्यटन परियोजनाओं को शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाएगा।
