


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ में स्वयं सहायता समूहों से पात्र परिवारों को जोड़ने का अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में हरिऔध कला केन्द्र में अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ने के उद्देश्य से समूह सखियों की उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यशाला में मिर्जापुर, पल्हना, पवई, फूलपुर, तरवां और ठेकमा विकास खण्ड की समूह सखियों ने भाग लिया। जिला मिशन प्रबंधक (एनआरएलएम) डॉ. आराधना त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को लोकोस एप, ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन और ओटीपी सत्यापन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लोकोस एप का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और सीएलएफ के कार्यों एवं आंकड़ों का डिजिटलीकरण करना है।जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद के सभी 22 विकास खण्डों की समूह सखियों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। पिछले दो महीनों में जिले में 3,500 से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया, जिनसे 40 हजार से अधिक पात्र अन्त्योदय लाभार्थियों को जोड़ा जा चुका है।इसके अलावा 5 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक चल रहे 15 दिवसीय विशेष हाउसहोल्ड मोबिलाइजेशन अभियान के तहत पंचायत स्तर पर पात्र परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। इस अभियान में समूह सखियों और एनआरएलएम कैडर की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई गति मिल रही है।
