


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। सिधारी थाना पुलिस ने मंगलवार तड़के मुठभेड़ के दौरान आजमगढ़ समेत कई जनपदों में ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय टप्पेबाज गैंग के सरगना को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान गैंग के चार अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, नकदी, विभिन्न दवाखानों के विजिटिंग कार्ड और एक मारुति 800 कार बरामद की है।पुलिस के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ खेमऊपुर रोड नहर पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि दवा बेचने की आड़ में ठगी करने वाला गैंग मारुति 800 कार से आजमगढ़ की ओर आ रहा है। घेराबंदी कर वाहन रोकने का प्रयास किया गया तो आरोपी भागने लगे। इसी दौरान गैंग के सरगना ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद फायरिंग जारी रहने पर पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सरगना ध्यान सिंह के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।गिरफ्तार आरोपियों में घायल सरगना ध्यान सिंह (मुरादाबाद), छत्रपाल (उधमसिंह नगर, उत्तराखंड), कुलदीप, राजा और सरिता सिंह शामिल हैं।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांव-शहर में दवा बेचने के बहाने लोगों को यौन रोग और कमजोरी का डर दिखाकर नकली दवाएं बेचते थे और उनसे मोटी रकम वसूलते थे। उन्होंने 2 अगस्त को पवई क्षेत्र की एक दुकान से करीब पांच हजार रुपये चोरी करने की बात भी स्वीकार की।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, तीन हजार रुपये नकद, आधार कार्ड, विभिन्न दवाखानों के 12 विजिटिंग कार्ड तथा एक चार पहिया वाहन बरामद किया है।मुख्य आरोपी ध्यान सिंह के खिलाफ लखनऊ, आजमगढ़ और पवई थाने में पहले से धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
