

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले के चर्चित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में नवजात शिशुओं की कथित अदला-बदली के मामले में जिला प्रशासन की जांच के बाद बड़ा प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से सिधारी थाने में तहरीर देकर अस्पताल के कर्मचारियों, प्रबंधन से जुड़े लोगों तथा दूसरे दंपती समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।मामला उस समय सामने आया जब आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया कि उनकी पत्नी नेहा सोनी द्वारा जन्मे नवजात पुत्र की जगह अस्पताल से उन्हें नवजात बच्ची सौंप दी गई। विरोध करने पर अस्पताल कर्मियों द्वारा धमकाने का भी आरोप लगाया गया। बाद में मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनका वास्तविक नवजात उन्हें वापस मिला।जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही को सामने रखा। जांच में पाया गया कि मालिश के दौरान बच्चों के पहचान टैग खराब होने के बाद नए टैग लगाने में हुई गलती से दोनों नवजातों की पहचान बदल गई।जांच में यह भी सामने आया कि दूसरे दंपती ने भी अस्पताल प्रबंधन को बच्चे की पहचान को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में निजी जांच में भी पुत्री होने की पुष्टि के बावजूद दंपती नवजात लड़के को अपने साथ लेकर चले गए, जिसके चलते उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई।जांच रिपोर्ट के आधार पर स्टाफ नर्स नीतू यादव, अनरजीत चौहान, जयकृष्ण शुक्ल, शशि कुमार पांडेय, माधवी यादव और कन्हैया यादव के खिलाफ सिधारी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
