आजमगढ़ सिधारी स्थित रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में बच्चे की अदला-बदली से मचा हड़कंप,पिता और अस्पताल प्रबंधन ने खबरों को अफवाह और भ्रामक बताया

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गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ शहर के सिधारी थाना क्षेत्र स्थित रेनबो चिल्ड्रेन अस्पताल में बुधवार देर शाम नवजात बच्चे की अदला-बदली का मामला सामने आने के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर मामले को दबाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर अस्पताल के बाहर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। वहीं घटना के बाद हॉस्पिटल के प्रबंधक और बच्चे के पिता ने बच्चा चोरी की घटना को पूरी तरह से अफवाह और भ्रामक बताया। मिली जानकारी के अनुसार आजमगढ़ शहर के पुरानी कोतवाली आसिफगंज निवासी कमलेश वर्मा ने 12 मई को अपने बच्चों को सिधारी स्थित रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उसी वार्ड में एक बच्ची का भी इलाज चल रहा था। आरोप है कि जब बच्चे की मां दूध पिलाने पहुंची और डायपर बदला गया, तब पता चला कि उनका बच्चा नहीं बल्कि बच्ची मौजूद है। इसके बाद परिवार के लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे की तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि बदला गया बच्चा तरवां थाना क्षेत्र के रासेपुर बोंगरिया के कंचनपुर गांव पहुंच गया था। बाद में बच्चे को वापस लाया गया और परिजनों को सुपुर्द किया गया। जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। आज़मगढ़ शहर के पुरानी कोतवाली, आसिफगंज के रहने वाले बच्चे के पिता कमलेश वर्मा ने बताया कि उनका बच्चा हॉस्पिटल में भर्ती था। उसे गंदा पानी पी लेने की वजह से कुछ समस्या थी, लेकिन अब उनका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसे कोई दिक्कत नहीं है। सोशल मीडिया या बाहर चल रहे विवाद/भ्रम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चा गायब होने जैसी कोई बात नहीं थी। उनका बच्चा एनआईसीयू में भर्ती था। जब उन्हें बच्चे को लेना था, तब वहां से दो-तीन बच्चे और निकले थे, जिसकी वजह से केवल एक गलतफहमी पैदा हो गई थी। उन्होंने कहा कि वे अस्पताल के प्रबंधन और डॉक्टर साहब के इलाज से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की कोई शिकायत नहीं है। वहीं इस मामले में रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल के प्रबंधक शशि कुमार पांडे ने कहा कि फेसबुक और कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अस्पताल से बच्चे के गायब होने या कई घंटों तक लापता रहने की जो खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह से अफवाह और भ्रामक हैं।प्रबंधक के अनुसार, यह केवल एक गलतफहमी या ‘कम्युनिकेशन गैप’ का मामला हो सकता है, लेकिन जैसा सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है, वैसी कोई गंभीर घटना नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित है और अपनी मां के पास है। रात और सुबह दोनों समय बच्चे को अभिभावकों से मिलवाया गया है और उसकी फोटो व रिकॉर्ड भी दर्ज किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन लगातार बच्चे के माता-पिता के संपर्क में है और वे अस्पताल की व्यवस्था और स्थिति से पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं है, इसलिए स्टाफ या अस्पताल प्रबंधन की किसी गलती का सवाल ही नहीं उठता। प्रबंधक ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से अभिभावकों पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। यदि कोई मीडियाकर्मी या व्यक्ति सीधे उनसे मिलकर बात करना चाहता है, तो वह पूरी तरह से स्वतंत्र है।

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