आजमगढ़ में सीएमओ की छापेमारी, जिगनी और मेंहनगर में कई कर्मचारी मिले गायब, वेतन रोकने की चेतावनी

आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ शहर

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिगनी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहनगर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर कई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने संबंधित कर्मचारियों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर वेतन रोकने की संस्तुति के साथ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति का जायजा लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जिगनी में उपस्थिति पंजिका की जांच के दौरान डॉ. अखिलेश, मृत्युंजय पाण्डेय, लैब टेक्नीशियन और अमित कुमार, डेंटल हाइजीनिस्ट अनुपस्थित मिले। इस पर संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए।इसके बाद सीएमओ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहनगर पहुंचे। यहां नियमित कर्मचारी उपस्थित मिले, जबकि अनुपस्थित कर्मचारियों में अधिकांश संविदा पर तैनात पाए गए। इनमें राहुल शर्मा, राजू प्रजापति, अमित कुमार, अनिल कुमार गुप्ता, प्रवीण कुमार बर्नवाल और रविशंकर राय सहित विभिन्न पदों पर तैनात कई कर्मचारी शामिल हैं। कुछ कर्मचारी 9 और 10 अक्टूबर को अनुपस्थित पाए गए, जबकि कुछ की अनुपस्थिति अन्य तिथियों में दर्ज की गई। निरीक्षण के दौरान आरबीएसके से जुड़े चिकित्सकों और कर्मचारियों समेत डॉ. पीयूष सिंह, डॉ. किरण यादव, डॉ. संध्या सिंह, डॉ. सरफराज अहमद, डॉ. विपुल कुमार, डॉ. श्रेया सिंह, डॉ. अर्जुन सरोज, डॉ. प्रतिभा कुमारी, डॉ. प्रदीप सिंह और डॉ. अमन पांडेय सहित कई अन्य कर्मियों की अनुपस्थिति भी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त आयुष चिकित्सक, वार्ड ब्वाय, हेल्थ सुपरवाइजर और अन्य कर्मचारियों के भी अनुपस्थित पाए जाने का उल्लेख किया गया है। मोहम्मद मोहसिन वार्ड ब्वाय 8, 9 और 10 अक्टूबर को अनुपस्थित मिले।सीएमओ ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने स्पष्ट किया कि संबंधित कर्मचारियों को दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित संविदा कर्मचारियों का वेतन रोकने की संस्तुति की जाएगी और नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तैनात प्रत्येक चिकित्सक और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह समय से उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करे। कर्मचारियों की अनुपस्थिति से मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आकस्मिक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *