

गौरव श्रीवास्तव /अमन गुप्ता,आजमगढ़। सेवा संकल्प अभियान के तहत उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग की ओर से मंडलायुक्त सभागार में मंडलीय पोल्ट्री कॉनक्लेव/कुक्कुट निवेश सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडलायुक्त विवेक ने की। सम्मेलन का उद्देश्य आजमगढ़ मंडल में पोल्ट्री क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ किसानों और उद्यमियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पोल्ट्री प्रबंधन की जानकारी देना रहा।मंडलायुक्त विवेक ने कहा कि पोल्ट्री क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और उद्यमिता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोल्ट्री उद्यमियों को विभागीय योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने पर जोर दिया।सम्मेलन में बैंक ऋण, वित्तीय सहायता, कुक्कुट विकास नीति-2022, आधुनिक पोल्ट्री प्रबंधन, रोग नियंत्रण और पोल्ट्री फार्म की स्थापना सहित विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। लखनऊ से पहुंचे डॉ. अश्विनी तिवारी और डॉ. बृजेश कुमार त्रिपाठी ने किसानों एवं उद्यमियों को तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी।कार्यक्रम में बताया गया कि पोल्ट्री उद्योग को बढ़ावा देने के क्षेत्र में आजमगढ़ प्रदेश में पांचवें स्थान पर है। पवई के अतुल लेयर फार्म के अतुल प्रताप सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके प्रतिष्ठान का वार्षिक टर्नओवर करीब 5 करोड़ रुपये है और प्रतिदिन लगभग 50 हजार अंडों का उत्पादन किया जा रहा है।मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन और बैंक की सहमति के बाद नियमानुसार 45 दिनों के अंदर लेटर ऑफ कंफर्ट जारी कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों और उद्यमियों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की अपील की।इस दौरान पोल्ट्री क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले उद्यमियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इनमें आजमगढ़ के अतुल प्रताप सिंह, भूपेंद्र वीर सिंह, दिनेश कुमार सिंह, नंदलाल राजभर, राजेश सिंह और राजवीर सिंह सहित बलिया के उद्यमी शामिल रहे।सम्मेलन में मंडल के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में पोल्ट्री किसान और उद्यमी शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से एक ही मंच पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराते हुए पोल्ट्री क्षेत्र में निवेश, स्वरोजगार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की पहल की गई।
