


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले के तरवा थाना क्षेत्र में बेशकीमती जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने दबंगों पर अवैध कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए मंडलायुक्त से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।ग्राम गदाईपुर निवासी इन्द्रदेव पुत्र स्वर्गीय रामलोचन सिंह का आरोप है कि उनकी तथा सहखातेदारों की जमीन मौलानीपुर गांव में आराजी नंबर 773 और 774 में स्थित है, जो पक्की सरकारी सड़क के किनारे होने के कारण काफी कीमती है। पीड़ित का कहना है कि उनकी जमीन के पीछे आराजी नंबर 780 में एक व्यक्ति की जमीन है और वही लोग जबरन बुनियाद खोदकर उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।पीड़ित के अनुसार इस मामले में उन्होंने दीवानी न्यायालय में वाद दायर किया था, जिसमें न्यायालय ने 16 मई 2025 तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। हालांकि यह आदेश राजस्व अधिकारियों द्वारा कराए जाने वाले सीमांकन पर लागू नहीं था।आरोप है कि लेखपाल की रिपोर्ट के बावजूद तरवा पुलिस स्टेशन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद विपक्षी पक्ष ने मकान निर्माण शुरू कर दिया।पीड़ित का कहना है कि आयुक्त के आदेश के बाद 9 जनवरी 2026 को एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल, कानूनगो और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन कराया गया। सीमांकन के बाद जब पीड़ित पक्ष पिलर लगा रहा था, तब विपक्षी पक्ष ने पिलर तोड़ दिया, जिससे विवाद की स्थिति बन गई।पीड़ित पक्ष की रुचि सिंह का आरोप है कि तहसील दिवस में दो बार शिकायत देने के बावजूद अब तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सोमवार को एक बार फिर मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र देकर जमीन का सही सीमांकन कराने और अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है।
