

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में बहस छेड़ दी है। आजमगढ़ के मेंहनगर थाना क्षेत्र के गोला बाजार में बुधवार रात मिली एक युवती को लेकर दो बिल्कुल अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।विश्व हिंदू परिषद ने जहां इसे कॉलेज में चल रहे धर्मांतरण के कुचक्र और ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है, वहीं आजमगढ़ पुलिस ने इस पूरे मामले पर बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। आइए आपको बतातें हैं कि क्या है पूरा मामला।विश्व हिंदू परिषद गोरक्ष प्रांत के प्रांत संयोजक गौरव रघुवंशी ने शिबली कॉलेज और जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वीएचपी नेता का आरोप है कि मूल रूप से अंबेडकर नगर की रहने वाली युवती आजमगढ़ के प्रसिद्ध शिबली कॉलेज से B.Sc की पढ़ाई कर रही थी। पढ़ाई के दौरान वह कुछ लोगों के संपर्क में आई और उसने इस्लाम कबूल कर लिया,प्रशासन को इसकी निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। अल्पसंख्यक संस्थान होने के बावजूद वहां 50% हिंदू बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें 30% से 40% तक केवल हिंदू लड़कियों को प्रवेश दिया जाता है ताकि उनके साथ ऐसा खेल खेला जा सके। मेंहनगर में मिली छात्रा खुद स्वीकार कर रही है कि उसने कॉलेज के दौरान इस्लाम कबूल किया। हमारे पास इसके वीडियो सबूत भी हैं। हम प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।*बाइट : गौरव रघुवंशी प्रांत संयोजक विश्व हिंदू परिषद गोरक्ष प्रांत*दूसरी तरफ, घटना की सूचना मिलने के बाद मेंहनगर थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच की बात कही है। पुलिस के अनुसार मामला धर्मांतरण का न होकर, रास्ते भटकने और मानसिक अस्वस्थता का है।सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि 16 सितंबर 2026 की देर रात करीब 11:30 बजे मेंहनगर कस्बा क्षेत्र में चेकिंग टीम को एक युवती घूमती हुई मिली, जिसे सुरक्षा के लिहाज से थाने लाया गया। पूछताछ में पता चला कि युवती अंबेडकर नगर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है और वह अपनी बहन के घर जाने के लिए निकली थी, लेकिन रास्ता भटक कर यहां पहुंच गई। सुबह युवती के पिता को बुलाकर उसे सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया। पिता ने बताया कि उनकी पुत्री मानसिक रूप से कमजोर है। सोशल मीडिया और कुछ वीडियो में जो प्रतिकूल दावे किए जा रहे हैं, पुलिस उनकी जांच कर रही है और जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
