

गौरव श्रीवास्तव/अमन गौरव,अतरौलिया, आजमगढ़। थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में जमीन के विवाद के बीच 84 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका की बेटियों ने अपनी ही बहन के बेटों पर मां को कथित तौर पर जबरन घर में रखने, इलाज के लिए अस्पताल न ले जाने और प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटियों ने इसे सामान्य मौत न मानते हुए इलाज से वंचित कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।लोहरा गांव निवासी चौरासी देवी (84) पत्नी स्वर्गीय चरन जीत की छह बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार, कुछ समय पहले चौरासी देवी से एक बेटी के बेटों ने जमीन दानपत्र के माध्यम से अपने नाम करा ली थी। इसके बाद बची पुश्तैनी जमीन को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। इसी दौरान चौरासी देवी की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई।मृतका की बेटियों सुदामा देवी और सीता देवी का आरोप है कि मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय अतरौलिया और बाद में जिला अस्पताल अंबेडकरनगर में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इसी दौरान संजय, मनोज और सुखना समेत करीब 10-12 लोग अस्पताल पहुंचे और चौरासी देवी को टांडा पीजीआई ले जाकर इलाज कराने की बात कहकर 13 सितंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज करा ले गए।बेटियों का आरोप है कि चौरासी देवी को किसी अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय लोहरा स्थित घर ले जाया गया और एक कमरे में रखा गया। इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने अतरौलिया थाने में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।बेटियों के मुताबिक, 15 सितंबर की शाम करीब चार बजे पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलहनामा हुआ। इसमें तय हुआ कि सुदामा देवी और सीता देवी अपनी मां का इलाज 100 शैय्या अस्पताल अतरौलिया में अपनी देखरेख में कराएंगी। आरोप है कि समझौते के बावजूद चौरासी देवी को अस्पताल नहीं पहुंचाया गया।सुदामा और सीता देवी का कहना है कि वे दो दिनों तक अस्पताल में मां के आने का इंतजार करती रहीं। फोन करने पर कभी एंबुलेंस भेजने तो कभी कुछ देर में अस्पताल पहुंचाने की बात कही जाती रही। इसी बीच 16 सितंबर की शाम गांव के ही एक युवक विनोद के फोन से उन्हें चौरासी देवी की मौत की सूचना मिली।सुदामा देवी ने आरोप लगाया कि मां से मिलने जाने पर उनके साथ मारपीट की गई। बेटियों का कहना है कि चौरासी देवी इलाज के लिए उनके साथ चलने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन उन्हें अस्पताल नहीं ले जाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर इलाज मिलता तो उनकी मां की जान बच सकती थी।परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे लोगों को लाठी-डंडों के बल पर भगाने का प्रयास किया गया और जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने की कोशिश की गई।घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना अध्यक्ष अश्वनी कुमार दुबे ने बताया कि मृतका की छह बेटियां हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
