

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। प्रदेश सरकार के पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को निरीक्षण भवन में जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने समाजवादी पार्टी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा।राजभर ने दावा किया कि 29 नवंबर को आजमगढ़ जिला मुख्यालय स्थित आईटीआई मैदान में होने वाली विशाल रैली में जिले की सभी 10 विधानसभा क्षेत्रों से एक लाख से अधिक लोग जुटेंगे। उन्होंने कहा कि यह रैली पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा बदलाव लाएगी और इसका असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा।‘सपा में अखिलेश के अलावा कोई कद्दावर नेता नहीं’पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर राजभर ने सपा को घेरते हुए कहा कि पार्टी में अखिलेश यादव के अलावा कोई ऐसा कद्दावर नेता नहीं है, जो अपने समाज के लोगों को बड़े पैमाने पर पार्टी से जोड़ सके। उन्होंने राजभर, चौहान, पाल, प्रजापति, पटेल और निषाद समाज का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि सपा के पास इन समाजों में ऐसा कौन सा नेता है, जिसे व्यापक समर्थन हासिल हो।उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव किसी दूसरे नेता को उभरने का मौका नहीं देना चाहते। इसके विपरीत एनडीए में जयंत चौधरी, डॉ. संजय निषाद और अनुप्रिया पटेल जैसे अलग-अलग पिछड़े एवं दलित वर्गों के प्रभावशाली नेता मौजूद हैं।शिक्षक भर्ती पर बोले- हाईकोर्ट के फैसले का अक्षरश: पालन होगा 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट का जो भी फैसला आएगा, प्रदेश सरकार उसका अक्षरश: पालन करेगी। अति-पिछड़ों के आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने ‘कोटे में कोटा’ यानी आरक्षण में उप-वर्गीकरण का समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि जातीय गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अति-पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।स्कूलों के संविलियन पर भी सपा पर निशानापरिषदीय विद्यालयों के संविलियन को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर राजभर ने कहा कि सपा सरकार के दौरान गरीब बच्चों की शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार बच्चों की शिक्षा के लिए अभिभावकों के खातों में 1,200 रुपये भेज रही है, जिससे जूता-मोजा, बस्ता और किताबें खरीदी जा रही हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश के 18 मंडलों में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त अटल आवासीय विद्यालय खोले गए हैं। राजभर के मुताबिक, जिन न्याय पंचायतों में पांच-पांच विद्यालयों में मिलाकर 100 से कम बच्चे थे, वहां बेहतर शैक्षिक व्यवस्था के लिए विद्यालयों का संविलियन किया गया है। खाली हुए भवनों का इस्तेमाल नई शिक्षा नीति के तहत पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए नर्सरी कक्षाओं के संचालन में किया जाएगा।सपा विधायक पर कमीशनखोरी के आरोपों पर बोले राजभरमेंहनगर की सपा विधायक पूजा सरोज पर सोलर लाइट आवंटन में कमीशनखोरी के कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सपा की राजनीति में ‘लूटपाट की संस्कृति’ रही है। उन्होंने कहा कि अब सपा के अपने ही कार्यकर्ता विधायक पर आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में किसी दूसरे को कुछ कहने की जरूरत नहीं है।गांवों के विकास का भी किया दावाग्रामीण विकास का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि प्रदेश के गांवों में स्वच्छता, इज्जत घर, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, पक्की नालियों तथा सीसी रोड का काम तेजी से हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान आजमगढ़ में गरीब और दलित भय के माहौल में रहते थे, जबकि मौजूदा सरकार में लोग भयमुक्त वातावरण में जीवन जी रहे हैं।
