

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। एक तरफ सरकार स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक करने और साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चला रही है, वहीं आजमगढ़ शहर में नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के ऑफीसर कॉलोनी रैदोपुर में सड़क के दोनों ओर करीब 62 लाख रुपये की लागत से कराए गए सुंदरीकरण कार्य के बावजूद यहां गंदगी का आलम देखने को मिल रहा है।स्मार्ट बाजार के ठीक सामने सड़क किनारे अक्सर कूड़े का ढेर लगा रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ दिन पहले यहां कूड़ा डालने के लिए डस्टबिन रखा गया था, जिसमें आसपास के लोग कूड़ा डालते थे। इसके बावजूद डस्टबिन के आसपास कूड़ा जमा होने से अब यहां गंदगी का अंबार नजर आता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से कूड़ा उठाने का कार्य रोजाना किया जाता है, लेकिन कूड़ा करीब 12 बजे के आसपास उठाया जाता है। सुबह से दोपहर तक सड़क किनारे कूड़ा पड़ा रहने के कारण लोगों को परेशानी होती है। कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर लाखों रुपये खर्च कर सुंदरीकरण कराया गया है, वहां नियमित और समय से सफाई नहीं होने के कारण सुंदरीकरण का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। लोगों ने नगर पालिका से मांग की है कि कूड़ा उठाने का समय सुबह किया जाए और कूड़ा जमा होने वाले स्थान पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।अब सवाल यह है कि जब सरकार स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चला रही है, तो शहर के प्रमुख इलाके में सुंदरीकरण के बावजूद सड़क किनारे कूड़े का ढेर आखिर क्यों दिखाई दे रहा है? स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नगर पालिका इस समस्या का स्थायी समाधान कराएगी।
