

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। कोतवाली पुलिस ने पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर महिला को पूजा-पाठ के नाम पर विश्वास में लेकर टप्पेबाजी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹3,000 नकद, एक जोड़ा चांदी की पायल और पर्स बरामद किया है। मामले में चंदौली पुलिस के सहयोग से ठगी का सोना खरीदने वाले एक सोनार को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त को रानी की सराय थाना क्षेत्र की एक महिला सोनोग्राफी कराने के बाद बिलरिया की चुंगी की ओर जा रही थी। इसी दौरान दो लोगों ने उसे बातचीत में उलझाकर पूजा-पाठ और पुत्र प्राप्ति का झांसा दिया। विश्वास में लेने के बाद आरोपियों ने महिला के कानों के सोने के झाले, गले का लॉकेट और पर्स में रखे ₹5,000 रुपये निकलवा लिए और फरार हो गए। इस मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए गठित पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से 28 अगस्त को रोडवेज बंधा के पास से असलम खां (50), अरशद वारसी (27) और इरफान अली (39) को गिरफ्तार कर लिया। तीनों मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि महिला से ठगी किया गया सोने का झाला और मंगलसूत्र चंदौली के दुल्हीपुर स्थित एक ज्वैलर्स को ₹58 हजार में बेचा गया था। पुलिस के मुताबिक, सोना खरीदने वाले सुरेश सेठ को भी चंदौली पुलिस के समन्वय से गिरफ्तार किया गया है। वहीं महिला की पायल और पर्स को आरोपियों ने झाड़ियों में छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
