

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) ने जिले के युवाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह खोली है। बधाईगंज निवासी हरेन्द्र यादव इसकी प्रेरक मिसाल बने हैं। मुंबई में करीब 12 वर्षों तक रोजगार के लिए संघर्ष करने के बाद आजमगढ़ लौटे हरेन्द्र ने सरकारी योजना का लाभ लेकर अपना व्यवसाय शुरू किया और आज आठ लोगों को रोजगार दे रहे हैं। स्नातक शिक्षा प्राप्त हरेन्द्र लंबे समय से अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन पूंजी के अभाव में उनका सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की जानकारी मिली। योजना के तहत आवेदन करने के बाद उन्हें बैंक से पांच लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने आवश्यक मशीनें खरीदकर ‘अवनि स्पोर्ट्स एंड गारमेंट्स’ के नाम से रेडीमेड गारमेंट एवं स्पोर्ट्सवेयर का कारोबार शुरू किया। उनकी इकाई में लोवर, टी-शर्ट, ट्रैक शूट, स्कूल ड्रेस सहित विभिन्न प्रकार के स्पोर्ट्सवेयर तैयार किए जा रहे हैं। हरेन्द्र ने आजमगढ़ के निजी विद्यालयों से संपर्क कर स्कूल ड्रेस, ट्रैक शूट और स्पोर्ट्स वियर के ऑर्डर हासिल किए। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और समय पर आपूर्ति के चलते उनके कारोबार का विस्तार वाराणसी, गाजीपुर, मऊ और बलिया तक हो गया है। वर्तमान में इकाई का वार्षिक टर्नओवर करीब 12 से 15 लाख रुपये बताया गया है।सबसे खास बात यह है कि हरेन्द्र की सफलता अब सिर्फ उनके परिवार तक सीमित नहीं है। उनके उद्यम में आठ लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस तरह वह स्वयं रोजगार पाने वाले युवा से आगे बढ़कर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बन गए हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 21 से 40 वर्ष आयु के न्यूनतम आठवीं पास पात्र युवाओं को विनिर्माण, सेवा, फ्रेंचाइजी और ‘बिजनेस ऑन व्हील्स’ जैसे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता दी जाती है। पांच लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए चार वर्षों तक 100 प्रतिशत ब्याज मुक्त एवं बिना गारंटी ऋण तथा परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान का प्रावधान है।जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में आजमगढ़ में भी योजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। जनपद में अब तक करीब 6100 युवाओं के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। युवा जब अपना उद्यम स्थापित करता है तो वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा करता है। हरेन्द्र यादव की कहानी बताती है कि सही अवसर, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिलने पर आजमगढ़ का युवा महानगरों में रोजगार तलाशने के बजाय अपने ही जिले में रोजगार का सृजन कर सकता है। सीएम युवा अभियान ने उनके हुनर को उद्यम में बदला और उनके सपने को रोजगार की नई उड़ान दी।
