महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह, 11 अगस्त को पं. हरीश प्रसाद चौरसिया होंगे मुख्य अतिथि

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गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के तृतीय दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 11 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। समारोह में पद्म विभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं गुजरात के प्रसिद्ध पटोला बुनकर प्रशिक्षक एवं समाजसेवी पंकज भाई डूंगरभाई मकवाना को मानद उपाधि प्रदान की जाएगी।शनिवार को शिबली नेशनल कॉलेज के स्मार्ट क्लास में आयोजित प्रेसवार्ता में कुलपति प्रो. संजीव कुमार, कुलसचिव अमृतलाल और परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार मौर्य ने दीक्षांत समारोह की विस्तृत जानकारी दी। कुलपति ने बताया कि राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल 10 अगस्त को आजमगढ़ पहुंचेंगी, जबकि 11 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।समारोह में कुल 88 मेधावियों को पदक प्रदान किए जाएंगे, जिसमें 20 पदक कुलाधिपति के हाथों वितरित होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस बार भी पदक हासिल करने में बेटियों ने बाजी मारी है।दीक्षांत समारोह की शुरुआत विभिन्न कार्यक्रमों के साथ होगी। कुलाधिपति द्वारा नवनिर्मित कार्यों का उद्घाटन, बच्चों की चित्रकला एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन और अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसके बाद शैक्षिक शोभायात्रा पंडाल में पहुंचेगी और छात्राओं द्वारा राष्ट्रगीत व कुलगीत की प्रस्तुति दी जाएगी।समारोह में उपाधि वितरण, दीक्षोपदेश और डिजीलॉकर में अंकपत्र एवं उपाधि के समावेश की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। कुलाधिपति द्वारा 20 पदकों का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय की अर्धवार्षिक पत्रिका और प्राध्यापकों की छह पुस्तकों का विमोचन भी होगा।सम्मान समारोह के दौरान आजमगढ़ और मऊ के पांच-पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट एवं टीका प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को पुस्तकें भेंट की जाएंगी। वहीं कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को रोचक कहानियां, कलर बुक और कलर भी वितरित किए जाएंगे।मुख्य अतिथि पं. हरिप्रसाद चौरसिया के संबोधन के साथ समारोह में शिक्षा, संस्कृति और समाज से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर संदेश दिया जाएगा। कुलसचिव अमृतलाल ने कहा कि पद्म विभूषण पं. हरिप्रसाद चौरसिया किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वहीं पंकज भाई डूंगरभाई मकवाना गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के प्रतिष्ठित पटोला बुनकर प्रशिक्षक एवं समाजसेवी हैं।विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह के लिए ड्रेस कोड भी अनिवार्य किया है। पुरुष एवं छात्र कुर्ता-पायजामा अथवा धोती में, महिलाएं लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी तथा छात्राएं सफेद सलवार-सूट और दुपट्टे में उपस्थित होंगी।प्रेसवार्ता के बाद कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक ने शिबली नेशनल कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अफसर अली ने सभी अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।

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