


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़।बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के लोहरा गांव में नवीन परती भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल पर पुलिस बल की मौजूदगी में बिना पैमाइश कराए कथित रूप से अवैध कब्जा कराने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को प्रार्थना पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार लोहरा गांव स्थित नवीन परती की भूमि को लेकर मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि वे वर्ष 1985 से इस स्थान पर रह रहे हैं तथा यहां उनकी मड़ई, दुकान और मवेशियों का ठिकाना है।आरोप है कि 3 अगस्त को हल्का लेखपाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बिना किसी पूर्व सूचना या राजस्व पैमाइश के कुछ लोगों के पक्ष में बाड़ लगवाकर कब्जा दिलाने का प्रयास किया। विरोध करने पर ग्रामीणों को डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।ग्राम प्रधान पति एवं भूमि प्रबंधक समिति के अध्यक्ष राजकपूर ने कहा कि बिना ग्राम प्रधान और भूमि प्रबंधक समिति को सूचना दिए तथा बिना पैमाइश कराए कब्जा कराया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत एसडीएम से की गई है। उनका कहना है कि जिस लेखपाल पर आरोप लगे हैं, उससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती, इसलिए स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। ग्रामीण सुनीता ने बताया कि उनका परिवार वर्ष 1985 से वहां रह रहा है और 1995 से मड़ई व दुकान बनी हुई है। वहीं द्रुमलता ने दावा किया कि उनका परिवार कई दशकों से उस स्थान पर आबाद है और बिना नाप-जोख के जबरन बाड़ लगाई जा रही है। पीड़ित ग्रामीणों अनिल, जगदीप, रामकार, बबिता, असरफी, प्रमिला, अनिल समेत अन्य लोगों ने मांग की है कि खतौनी और नक्शे के आधार पर राजस्व टीम गठित कर पारदर्शी तरीके से पैमाइश कराई जाए तथा अवैध कब्जे की शिकायत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हल्का लेखपाल सूर्य दर्शन मिश्रा ने बताया कि गाटा संख्या 1666 प्रियंका सिंह के नाम निजी भूमिधरी है, जिसकी पहले ही पैमाइश कराई जा चुकी है और नींव भी खोदी गई थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी को नवीन परती भूमि को लेकर आपत्ति है तो प्रार्थना पत्र देने पर उसकी भी पैमाइश कराकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।एसडीएम बोले- होगी निष्पक्ष जांच उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर अभय राज पांडे ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
