

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आज़मगढ़। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में जनसुनवाई के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू किया गया एंटी पेपर लीक कानून युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए बनाया गया है और इससे परीक्षा माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा। पत्रकारों से बातचीत में राजभर ने कहा कि नए कानून में पेपर लीक जैसे मामलों में 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने, 10 वर्ष तक के कारावास तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से तीन माह के भीतर सुनवाई पूरी करने का प्रावधान किया गया है। उनका दावा था कि इस कानून से अपराधियों में भय पैदा होगा और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नकल आम बात थी। अब सरकार की सख्ती से ऐसे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं, जो पहले व्यवस्था का दुरुपयोग करते थे।समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान पर निशाना साधते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि सपा केवल जातिवादी राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि गैर-यादव पिछड़ी जातियों के साथ हुई घटनाओं में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल कभी पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा। शिवपाल यादव द्वारा उन्हें “बहुरूपिया” कहे जाने पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि सपा को पहले अपना राजनीतिक इतिहास देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी समय-समय पर विभिन्न दलों के साथ गठबंधन बदलती रही है और दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले उसे आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने सपा नेताओं पर महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
