

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ की रानी की सराय पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक कुल 12 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन एवं क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग स्थित कोटिला कट के पास छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बिहार के मधुबनी निवासी लालू उर्फ राकेश कुमार, तथा बलिया के दिनेश कुमार गुप्ता और धर्मेन्द्र गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी बेरोजगार युवाओं को सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार कर ठगी को अंजाम देते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 फर्जी मोहरें, इंकपैड, 4 मोबाइल फोन, एयरटेल सिम, पुलिस वेरिफिकेशन प्रपत्र, आधार-पैन कार्ड की प्रतियां, जन्म प्रमाणपत्र, सरकारी प्रोफार्मा, रेलवे पहचान पत्र, एक ब्रेजा कार तथा ₹5,360 नकद सहित भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज तैयार करने का सामान बरामद किया है।यह मामला रानी की सराय थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 123/2026 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों और पीड़ितों की पहचान कर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं।
