

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। मंडलीय जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पवई थाना क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीय राजपत्ती देवी इलाज के लिए अपने दोनों बेटों के साथ जिला अस्पताल पहुंचीं, लेकिन परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें मरीज को ले जाने के लिए स्टेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया। परिजनों के मुताबिक, इमरजेंसी के पास रखे सभी स्टेचर जंजीर और ताले से बंधे मिले। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई स्टेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में मजबूर होकर दोनों बेटों ने अपने हाथों और गोद का सहारा लेकर मां को ओपीडी तक पहुंचाया। रास्ते में अधिक दूरी तक मां को उठाकर ले जाने से दोनों थक गए और उन्हें बीच रास्ते में रुककर कुछ देर आराम करना पड़ा। इसके बाद फिर मां को गोद में उठाकर डॉक्टर के पास ले गए।इस दौरान किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में इमरजेंसी के पास स्टेचर जंजीर और ताले से बंधे दिखाई दे रहे हैं, जबकि मरीज को दो लोग सहारा देकर और गोद में उठाकर ले जाते नजर आ रहे हैं।वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए स्टेचर जैसी बुनियादी सुविधा भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिलेगी तो उनकी जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वायरल वीडियो के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
