



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ विवाहिता हत्या मामले में 9 साल बाद फैसला, पति समेत 5 दोषियों को उम्रकैदआजमगढ़। सरायमीर थाना क्षेत्र में विवाहिता की हत्या के चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने पति समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि मृतका के पिता को दिए जाने का आदेश दिया गया है।अभियोजन के अनुसार सरायमीर थाना क्षेत्र के निजामुद्दीनपट्टी निवासी मदन लाल की पुत्री विमला का गांव के ही हरेंद्र से प्रेम संबंध था। पंचायत के हस्तक्षेप के बाद दोनों का विवाह 22 फरवरी 2015 को कराया गया था। आरोप है कि विवाह के बाद ससुराल पक्ष इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर सका और विमला को लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। मामले में आरोप था कि ससुराल पक्ष एक लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल की मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर 14 मई 2017 को पति हरेंद्र, जेठ कलेन्द्र, देवर राजेंद्र, ससुर भोपल और सास दुर्गावती ने मिलकर विमला की पिटाई कर दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 25 मई 2017 को उसकी मौत हो गई। पुलिस विवेचना के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष ने नौ गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पति हरेंद्र, देवर राजेंद्र, जेठ कलेन्द्र, ससुर भोपल और सास दुर्गावती को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
