



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,अतरौलिया आजमगढ़। मानसून पूर्व आई तेज आंधी और बारिश ने अतरौलिया क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। भीउरा समेत कई गांवों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आधा दर्जन से अधिक घरों के टीन-शेड और करकट उड़ गए, जबकि कई मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा।भीउरा गांव निवासी बुधाना प्रजापति के मकान पर तेज आंधी के दौरान एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे मकान की दीवार ढह गई। मलबे की चपेट में आने से घर में बंधी भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़िता के अनुसार इस हादसे में करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना पर पहुंचे लेखपाल ने मौके का निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया और रिपोर्ट तैयार की। पीड़िता ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।वहीं कुलूहिया गांव में झिनक यादव की घर के बाहर खड़ी कार पर पीपल के पेड़ की भारी डाल गिर गई, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना में उन्हें भी काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।आंधी और बारिश का सबसे अधिक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी दिलीप वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में करीब 35 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए हैं, जिससे कई गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। विभागीय टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं और शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकानों, पशुओं, वाहनों और विद्युत ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को जल्द दुरुस्त करने की मांग की है।
