
गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। महाराजगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव निवासी नंदलाल राजभर (67) को रविवार को हार्ट अटैक आने पर परिजन कोलघाट स्थित विनायक अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक ने पेसमेकर लगाने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही तो स्टाफ ने मरीज को डिस्चार्ज करने में देरी की और एंबुलेंस में बैठाने के दौरान पेसमेकर खींचने का प्रयास किया, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। विरोध करने पर अस्पताल कर्मियों ने तीमारदारों से मारपीट की।मरीज के पुत्र विनय राजभर ने बताया कि उनके पिता को रविवार दोपहर विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने पेसमेकर लगाने के लिए 2.20 लाख की मांग की। उन्होंने कहा कि इतनी रकम एक बार में देना संभव नहीं है और मरीज को किसी अन्य अस्पताल ले जाने की बात कही। इसके बाद डिस्चार्ज में भी करीब डेढ़ घंटे की देरी की गई। विनय का आरोप है कि जब वह मरीज को एंबुलेंस में ले जा रहे थे, तब अस्पताल के डॉक्टर ने पहले से लगाए गए पेसमेकर को खींचने का प्रयास किया। जब उन्होंने विरोध किया तो अस्पताल कर्मियों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उन्होंने कहा कि पेसमेकर का 22 हजार पहले ही जमा किया जा चुका था, जिसकी रसीद उनके पास है। बताया कि भर्ती के बाद से अस्पताल में भर्ती के बाद से 50 हजार से अधिक रुपये चिकित्सक ले चुके हैं। अस्पताल के चिकित्सक डा. विनय चौहान ने कहा कि मरीज गंभीर हालत में लाया गया था। उसे अस्थायी पेसमेकर लगाकर राहत दी गई थी। परिजनों ने स्वयं मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया और एंबुलेंस में पेसमेकर बदलते समय मरीज को दोबारा अटैक आया। उन्होंने कहा कि मारपीट का आरोप गलत और निराधार है। अस्पताल स्टाफ ने किसी से हाथापाई नहीं की।
