



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जनपद में गोंड अनुसूचित जनजाति (ST) समाज के लोगों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनगणना में गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति के रूप में दर्ज किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।भाजपा नेता एवं गोंड जनजाति छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष भीम प्रसाद गोंड ने कहा कि वर्ष 2011 की जनगणना में आजमगढ़ जनपद में लगभग 13 हजार गोंड समाज के लोग दर्ज थे, जबकि वर्तमान में उनकी संख्या कहीं अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना के दौरान कई स्थानों पर गोंड समाज के लोगों को उनकी वास्तविक जाति “अनुसूचित जनजाति” के बजाय अन्य श्रेणी में दर्ज कर दिया जाता है, जिससे उनके संवैधानिक अधिकार प्रभावित होते हैं।ज्ञापन में मांग की गई कि यदि शासन स्तर से कोई आदेश नहीं है तो प्रशासन लिखित रूप से इसकी जानकारी दे। साथ ही जनगणना में गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति (ST) के रूप में दर्ज करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो गोंड समाज व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।इस दौरान गोंड समाज एवं संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
