


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दूसरों के नाम से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर झारखंड के साइबर फ्रॉड गिरोह तक ठगी की रकम पहुंचाने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम थाना टीम ने यह कार्रवाई की। आपको बता दे की 13 मार्च 2026 को उपनिरीक्षक कलाप कलाधर त्रिपाठी अपनी टीम के साथ म्यूल खाताधारकों की जांच के सिलसिले में नरौली पुल के पास मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति कलेक्ट्रेट के पास स्थित इंडियन बैंक के आसपास लोगों को झांसा देकर फर्जी खाते खुलवाने का काम करता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रितिक कुमार (27) पुत्र शिवाधार राम, निवासी अनन्तपुरा थाना कोतवाली, आजमगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह काफी समय से झारखंड के साइबर फ्रॉड गिरोह के संपर्क में था। टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से उसकी पहचान हैंडलरों से हुई थी। उनके निर्देश पर वह लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और कमीशन देने का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था।इसके बाद फर्जी तरीके से सिम कार्ड लेकर उन खातों से मोबाइल नंबर लिंक कर खुद ही उनका संचालन करता था। जब साइबर ठगी की रकम इन खातों में आती थी तो आरोपी 10 प्रतिशत कमीशन लेकर बाकी पैसा अपने हैंडलरों के बताए खातों में CDM मशीन के जरिए जमा कर देता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने मोबाइल में Navi, Jupiter, DBS, PNB, SBI Yono, Omni, Jio Payment Bank, PhonePe, Google Pay, NSDL Bank और IPPB Bank समेत कई बैंकिंग ऐप्स के जरिए कई खातों को लिंक कर रखा था। अब तक इन खातों पर देश के अलग-अलग राज्यों से NCRP पोर्टल पर 10 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन ₹2500 नकद आधार कार्ड पैन कार्ड एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में धारा 318(4), 319(2), 317(2) बीएनएस व 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
