




गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ में समाज कल्याण विभाग से जुड़े बड़े वित्तीय अनियमितता मामले में पुलिस ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला शासन द्वारा वेतन रोक लगाए जाने के बावजूद 10 शिक्षकों को भुगतान किए जाने से जुड़ा है। बताया गया कि डीडी समाज कल्याण की ओर से नगर कोतवाली में जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि शासनादेश के विपरीत नियुक्त सहायक अध्यापकों के वेतन पर रोक लगाए जाने के बावजूद करीब 51.46 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह की ओर से 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम की ओर से जांच समिति गठित की गई थी। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई जांच में जिला विकास अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी भी शामिल थे। जांच के दौरान अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर अनियमित भुगतान की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि जिन सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां विवादित और अवैध पाई गई थीं, उनके वेतन भुगतान पर शासन ने पहले ही रोक लगा दी थी। इसके बावजूद भुगतान जारी किया गया। मामले की रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद आठ मई को मुकदमा दर्ज हुआ। बुधवार सुबह पुलिस ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को कुंवर सिंह उद्यान के पास से गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि अवैध रूप से 10 शिक्षकों को वेतन जारी करने के मामले में कार्रवाई की गई है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
