


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर उत्साह देखने को मिला, जहां दुर्गा जी पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. वेद प्रकाश उपाध्याय ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह अधिनियम आधी आबादी को उनका वास्तविक अधिकार दिलाने वाला है।पत्रकारों से बातचीत में डॉ. उपाध्याय ने कहा कि “नारी तुम केवल श्रद्धा हो…” जैसी संकीर्ण सोच का दौर अब खत्म हो चुका है। आज की महिला अपनी प्रतिभा और क्षमता से हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है। उन्होंने जयशंकर प्रसाद की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले नारी को सीमित दायरे में देखा जाता था, लेकिन अब वह हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही है।उन्होंने कहा कि अब महिलाओं को केवल शब्दों और स्मृतियों के सहारे नहीं, बल्कि सत्ता में भागीदारी के माध्यम से सशक्त किया जाएगा। “अब ‘स्मृतियों’ से नहीं, ‘सत्ता’ के पीयूष स्रोत से नारी का वास्तविक अभिषेक होगा,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।इस दौरान पूर्व सांसद संगीता आजाद भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। कार्यक्रम में विभा बर्नवाल, मिथिलेश पांडेय, ऊषा आर्या, सुमन सिंह राठौर, अनीता पटेल, वंदना गुप्ता, रानी चौरसिया, माधुरी दुबे और अनीता मौर्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
