


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता, आजमगढ़।ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के मेरठ में दिए गए बयान को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है।बताया जा रहा है कि मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पार्टी को 11 विधायक मिल जाएं तो “मुसलमानों का एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर कर दिया जाएगा।” बयान सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।विवाद बढ़ने के बाद शौकत अली आजमगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और उनका मकसद किसी को उकसाना नहीं था, बल्कि मुसलमानों के हक की बात उठाना था।उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमान बड़ी संख्या में सपा को वोट देते हैं, लेकिन उनके मुद्दों पर जिम्मेदारी से बचा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी को 11 विधायक भी मिल जाएं तो वे हक की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।शौकत अली ने मीडिया पर आरोप लगाया कि उनका “आधा-अधूरा” बयान चलाया गया, जिससे गलत संदेश गया। साथ ही उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला दिया।उन्होंने बताया कि इस मामले में वे अपनी लीगल टीम से सलाह ले रहे हैं और जल्द ही कोर्ट का रुख करेंगे। इसके अलावा उन्होंने पूरे प्रदेश में आरटीआई डालकर एनकाउंटर के आंकड़े जुटाने की बात भी कही।इस दौरान उन्होंने ओमप्रकाश राजभर के बयान पर भी पलटवार किया। राजभर ने उन्हें ‘अनपढ़’ और ‘जाहिल’ बताया था, जिस पर शौकत अली ने कहा कि आजमगढ़ का इतिहास गौरवशाली रहा है और यहां के लोग कभी डरपोक नहीं रहे, बल्कि 1857 की क्रांति में भी जिले का अहम योगदान रहा है।
