
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ जनपद के थाना सरायमीर क्षेत्र में मंगलवार की रात पुलिस और शातिर गोतस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। गोकशी की बड़ी वारदात को अंजाम देने जा रहे बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में दो गोतस्कर पैर में गोली लगने से घायल होकर गिरफ्तार कर लिए गए, जबकि उनके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस को मुखबिर खास से सूचना मिली थी कि ग्राम डेमरी मकदुमपुर में पूर्व में गोकशी की घटना में शामिल शातिर गोतस्कर एक पिकअप वाहन में गोवंश लादकर दीदारगंज–सरायमीर मार्ग से गांव की ओर आ रहे हैं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सरायमीर भुवनेश चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सिकरौर सहबरी के आगे घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने बैरिकेडिंग तोड़ते हुए वाहन तेज रफ्तार से भगाया और कुछ दूरी पर पिकअप छोड़कर पैदल भागते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद बदमाशों के नहीं रुकने पर पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें रफीक उर्फ टोनी और राहुल यादव घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया है।
मौके से पुलिस ने एक पिकअप वाहन, एक प्रतिबंधित पशु, दो अवैध तमंचे (.315 बोर), फायरशुदा व जिंदा कारतूस, नगद धनराशि व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। घटनास्थल को सुरक्षित कर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन किया गया। पूछताछ में घायल अभियुक्तों ने 16 दिसंबर 2025 को डेमरी मकदुमपुर में हुई गोकशी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह जौनपुर बॉर्डर से सटे इलाकों से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर संगठित रूप से गोकशी कर अवैध मांस की बिक्री करता था और आपस में धनराशि का बंटवारा करता था। फरार अभियुक्तों सलमान और मन्नान की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी विधिक कार्रवाई की जा रही है।
