


दो वर्षों से आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, अब जनसहयोग से बन रहा पुल
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले के मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र स्थित जगदीशपुर सोहौली गांव में गुरुवार को ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और श्रमदान के बल पर बेसो नदी पर बने जर्जर ‘बारह ताखा’ पुल के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया। वर्षों से खस्ताहाल पड़े इस पुल के कारण ग्रामीणों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता था।ग्रामीणों ने सरिया, सीमेंट, बालू और मिक्सर मशीन की व्यवस्था स्वयं कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पुल निर्माण की शुरुआत की गई। पुल का काम शुरू होने से गांव में उत्साह का माहौल है।बताया जाता है कि यह ‘बारह ताखा’ पुल वर्ष 1953 में तत्कालीन प्रदेश सरकार के कैबिनेट सिंचाई मंत्री कमलापति त्रिपाठी द्वारा शिलान्यासित किया गया था और 1959 में चालू हुआ था। पुल बनने के बाद क्षेत्र के किसानों ने लगभग 1500 बीघा भूमि पर खेती शुरू की थी। इससे तेरवतीपुर, देहदुआर, कोहरोली, पिछौरा, राजगंज, कुंभ, भूलनडीह, फतुही, लुवाड़ी और अलिया समेत कई गांवों का संपर्क सुगम हुआ था।पिछले दो वर्षों से पुल का फर्श धंसकर टूट चुका था, जिससे ट्रैक्टर और अन्य वाहन करीब पांच किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाने को मजबूर थे। ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से शिकायत की, यहां तक कि “पुल नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारे लगाकर धरना-प्रदर्शन भी किया, लेकिन समाधान नहीं हुआ।ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व भाजपा सांसद नीलम सोनकर ने चुनाव के दौरान पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, परंतु कार्य शुरू नहीं हो सका। अंततः निराश होकर गांववासियों ने स्वयं ही निर्माण की जिम्मेदारी उठाई।इस मौके पर मदन राय, प्रभुनाथ राय, चंद्रप्रकाश राय, संकेत राय, सुरेन्द्र राय, करियप्पा राय, अशोक शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। साथ ही ब्लॉक प्रमुख सौरभ सिंह बीनू, ग्राम प्रधान नितेश चौहान, डॉ. राहुल राय, डॉ. बजरंगी राय, अजय गुप्ता, रामा राय, सर्वेश राय, मनीष राय, अभयराज चौहान, विश्वमोहन राय और अन्य लोगों ने भी सहयोग दिया।
