


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। टीईटी की अनिवार्यता के विरोध में गुरुवार को जनपद मुख्यालय पर शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एवं महिला शिक्षक संघ के संयुक्त तत्वावधान में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के उपरांत जिला अधिकारी आजमगढ़ को ज्ञापन सौंपकर टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अभिमन्यु यादव ने की, जबकि मंच संचालन डॉ. सत्यप्रिय सिंह ने किया।धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मांडलिक मंत्री अतुल कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षकों की वर्षों की सेवा, समर्पण और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में दिए गए योगदान को एक अनौपचारिक शर्त के नाम पर नजरअंदाज किया जा रहा है, जो घोर अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का विषय नहीं, बल्कि शिक्षकों के आत्मसम्मान और आजीविका की सुरक्षा का प्रश्न है, जिसके लिए अंतिम बूंद तक संघर्ष किया जाएगा।जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बंश बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षकों ने विपरीत परिस्थितियों और संसाधनों के अभाव में भी गरीब एवं वंचित परिवारों के बच्चों का भविष्य संवारा है। दशकों के अनुभव को एक प्रमाण पत्र से नहीं आंका जा सकता।महिला शिक्षक संघ की अध्यक्षा जकिया परवीन ने कहा कि महिला शिक्षिकाएं विद्यालय में शिक्षा देने के साथ-साथ बच्चों में संस्कार और आत्मविश्वास का संचार भी करती हैं। घर और विद्यालय की दोहरी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद उनके अनुभव को नजरअंदाज कर नई-नई परीक्षाओं की शर्तें थोपना स्वीकार्य नहीं होगा।वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते शिक्षकों में सेवा समाप्ति का भय व्याप्त है, जो शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त होने तक आंदोलन सड़क से सदन तक जारी रहेगा।धरने में संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रभान यादव, जिलाकोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार उपाध्याय, आशुतोष सिंह, अरविंद तिवारी, मंडलीय मंत्री धनंजय कुमार पाण्डेय, जिलामहामंत्री दयाशंकर त्रिपाठी, निधि राय, पूर्व अध्यक्ष केदारनाथ यादव, ओमप्रकाश गोंड, मनोज त्रिपाठी, नवीन कुमार पाण्डेय, अश्वनी सिंह, विपिन प्रजापति, मुकेश सिंह, सभाजीत पाण्डेय सहित हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
