


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उमाकांत यादव को गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जौनपुर जिला कारागार से लाकर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अनुपम त्रिपाठी की अदालत में पेश किया गया।मामला वर्ष 1989 का है, जब सरायमीर थाना में उनके खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अधिवक्ता रविंद्र नाथ यादव के अनुसार उस समय उनकी लाइसेंसी बंदूक के नवीनीकरण की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान पुलिस ने उनके घर की तलाशी लेकर शस्त्र बरामद किया। मौके पर लाइसेंस प्रस्तुत न कर पाने के कारण उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया।इस मामले में गवाही की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच अदालत में गैरहाजिर रहने पर उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया था। गुरुवार को न्यायालय में उपस्थित होने पर बचाव पक्ष की ओर से वारंट निरस्त करने का प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।अदालत ने मामले में गवाही के लिए अगली तिथि 16 मार्च निर्धारित की है। वहीं गैंगस्टर के एक अन्य मुकदमे में एमपी-एमएलए सत्र न्यायालय में भी उनकी पेशी हुई, जहां अगली सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की गई है।
