


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। महराजगंज थाना परिसर में गुरुवार को एमवी एक्ट के तहत जब्त और लावारिस वाहनों की नीलामी प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई गई, जिससे थाने परिसर में लंबे समय से खड़े वाहनों से निजात मिली और सरकार को राजस्व प्राप्त हुआ।नीलामी प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई। इस दौरान एआरटीओ अतुल यादव, अभियोजन अधिकारी अरविंद भाटी, क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार तथा नायब तहसीलदार संजय राय उपस्थित रहे। अधिकारियों की देखरेख में सभी औपचारिकताएं पूरी कर खुली बोली लगवाई गई।थाने में खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहनों को न्यायालय एवं उच्चाधिकारियों के निर्देश पर नीलामी के लिए चिन्हित किया गया था। निर्धारित तिथि पर इच्छुक बोलीदाताओं को आमंत्रित किया गया। नीलामी शुरू होने से पहले वाहनों का विवरण, उनकी स्थिति और न्यूनतम बोली सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई गई। इसके बाद वैधानिक अभिलेखों की जांच और सिक्योरिटी राशि जमा कराने के उपरांत बोली प्रक्रिया शुरू की गई।नीलामी में कुल 39 दोपहिया वाहनों की न्यूनतम कीमत 1,74,200 रुपये तय की गई थी। खुली बोली में कृष्णा ट्रेडर्स, हाजीपुर ने 2,86,500 रुपये की उच्चतम बोली लगाकर इन्हें खरीदा। वहीं एक ट्रैक्टर की न्यूनतम कीमत 48,000 रुपये निर्धारित थी, जिसे प्रकाश जायसवाल, गंभीरपुर ने 1,50,000 रुपये की बोली लगाकर अपने नाम किया।पूरी नीलामी प्रक्रिया की कमान कोतवाली प्रभारी केदारनाथ मौर्या ने संभाली। कुल 40 बोलीदाताओं ने इसमें हिस्सा लिया।अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से जब्त वाहन थाने परिसर में खड़े होने से अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई थी। नीलामी से जहां परिसर में जगह खाली हुई, वहीं सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हुई है। प्रशासन ने भविष्य में भी इसी तरह पारदर्शी ढंग से कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
