02 साल से अधिक समय से गुमशुदा बच्चों की बरामदगी पर आजमगढ़ ए.एच.टी. टीम सम्मानित, विवेचकों को ₹10 हजार नकद पुरस्कार

आजमगढ़ खास खबर आजमगढ़ शहर

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। 02 वर्ष से अधिक समय से गुमशुदा बच्चों की सफल बरामदगी एवं जघन्य अपराधों के प्रभावी अनावरण पर जनपद आजमगढ़ की मानव तस्करी विरोधी (ए.एच.टी.) थाना टीम को बड़ी उपलब्धि मिली है। उत्कृष्ट विवेचना एवं अथक प्रयासों के लिए ए.एच.टी. थाना के विवेचकों को ₹10,000 नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।यह सम्मान अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) के अवसर पर महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन मुख्यालय, 1090 चौराहा, गोमतीनगर, लखनऊ में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अभयराज मिश्रा, थाना ए.एच.टी., आजमगढ़ द्वारा 02 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की गहन विवेचना की गई।थाना बरदह के मुकदमा संख्या 153/20 में विवेचना के दौरान पीड़िता की हत्या कर शव को कब्रिस्तान में फेंके जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ। शव की बरामदगी के बाद मुकदमे में धारा 302/201 भादवि की बढ़ोत्तरी कर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।इसी क्रम में थाना दीदारगंज के मुकदमा संख्या 212/20 में पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया। वहीं थाना देवगांव के मुकदमा संख्या 82/19 में तत्कालीन विवेचक उ0नि0 रामनिवास राम (सेवानिवृत्त) द्वारा पीड़िता को मुरैना (मध्य प्रदेश) से बरामद किया गया।थाना मुबारकपुर के मुकदमा संख्या 270/20 में तत्कालीन विवेचक उ0नि0 विजय कुमार शुक्ल द्वारा पीड़िता को सकुशल बरामद कर पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में अभियुक्त को जेल भेजा गया।इन सराहनीय कार्यों से न केवल गुमशुदा बच्चों को न्याय मिला, बल्कि आजमगढ़ पुलिस की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता भी उजागर हुई।

सम्मानित विवेचकगण:

(1) प्रभारी निरीक्षक अभयराज मिश्रा – थाना ए.एच.टी., आजमगढ़

(2) उ0नि0 रामनिवास राम (सेवानिवृत्त) – तत्कालीन नियुक्ति, थाना ए.एच.टी., आजमगढ़

(3) उ0नि0 विजय कुमार शुक्ल – (वर्तमान में बलिया स्थानान्तरित), तत्कालीन नियुक्ति, थाना ए.एच.टी., आजमगढ़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *