

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,जनपद आज़मगढ़ के थाना कप्तानगंज क्षेत्र में पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पिता को गोली मारने की झूठी कहानी गढ़ने वाले वादी को ही साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर फर्जी फायरिंग की घटना को अंजाम दिया और पुलिस व प्रशासन को गुमराह किया।दिनांक 06 जनवरी 2026 को वादी गुलशन उर्फ फौरेबी पुत्र लालमन कन्नौजिया, निवासी ग्राम खालिसपुर, थाना कप्तानगंज द्वारा थाने में तहरीर दी गई थी कि दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उसके पिता लालमन कन्नौजिया के पैर में गोली मार दी है। इस सूचना पर थाना कप्तानगंज में मु0अ0सं0–08/2026, धारा 109(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।मामले की विवेचना के दौरान पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वादी गुलशन उर्फ फौरेबी ने अपने सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू (थाना अहरौला का हिस्ट्रीशीटर) के साथ मिलकर पूरी घटना की साजिश रची थी। आरोपियों ने अपने घर के बाहर फायरिंग की और पिता के पैर को जलती लकड़ी से जला दिया, फिर गोली लगने की झूठी अफवाह फैलाकर डायल 112 पर सूचना दी और पुलिस में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया।प्रकरण में झूठा अभियोग पंजीकृत कर प्रशासन को गुमराह करने के आरोप में मुकदमे में धारा 229, 248, 61(2) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आज़मगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के निर्देशन एवं थानाध्यक्ष जय प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दिनांक 15 जनवरी 2026 को समय करीब 13:06 बजे आरोपी वादी गुलशन उर्फ फौरेबी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, उसका सहयोगी विजय सिंह उर्फ लल्लू फरार है, जिसकी तलाश जारी है।गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक 12 बोर तमंचा और एक कारतूस का खोखा बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजमणि भारती, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश दूबे, कांस्टेबल विपिन कुमार वर्मा, अवधेश कुमार, सद्दाम हुसैन एवं विकास प्रजापति शामिल रहे।
