
गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़ ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर रैन बसेरा का निर्माण कराया गया है। इसमें राहगीरों के लिए रहने की निशुल्क व्यवस्था रहती है। वर्तमान में इसकी दशा अत्यंत ही दयनीय हो गई है। यह शराबियों और अराजक तत्वों का अड्डा बनकर रह गया है। धूल धूसरित गद्दे और शराब की बोतलें इसमें फेंकी हुई हैं। हालत ऐसी है कि जैसे वर्षों से इसकी सफाई तक नहीं की गई है। जिलाधिकारी कार्यालय व सिविल लाइन चौकी से चंद कदम की दूरी पर स्थित रिक्शा स्टैंड पर लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। ताकि बाहर से आने वाले लोगों को ठंड के मौसम में इधर उधर न भटकना पड़े। साथ जो लोग सिर छिपाने की जगह न होने पर सड़कों के किनारे अपना डेरा जमाते हैं। पुलिस ऐसे लोगों को रैन बसेरे तक पहुंचाती है। वर्तमान में ठंड शुरू होने वाली है, मौसम विभाग दो से तीन दिन में तापमान गिरने की संभावना जता रहा है। वहीं अभी तक इस रैन बसेरे को सुदृढ़ नहीं किया गया है। रैन बसेरे की सीढि़यों से लेकर अंदर तक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अंदर गद्दे और बेड तो हैं लेकिन उन पर धूल की मोटी परत जमी हुई है। शराब की बोतल और जल जीवन मिशन की पाइप के साथ ही कबाड़ रखा हुआ है। मंगलवार को की गई पड़ताल में कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं मिला। वर्तमान में इस रैन बसेरे में गंदगी और बदबू के कारण किसी का रुकना तो छोड़िए कुछ देर ठहरना भी मुश्किल है। यह रैन बसेरा आजमगढ़ नगर पालिका के अधीन है रैन बसेरा से नगर पालिका की दूरी भी चंद कदम पर है लेकिन नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी कभी भी यहां झांकने तक नहीं आते कहने को तो यहां की देख रेख के लिए केयरटेकर है लेकिन उसका कहीं पता नहीं रहता।इस संबंध में जब हमने नगर पालिका के कर निर्धारण अधिकारी धर्मवीर सोनी से बात की तो उनका कहना है कि 48 घंटे के अंदर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा और जल्द ही रैन बसेरा राहगीरों के लिए काम करना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि लापरवाही के लिए केयरटेकर पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कहा कि रैन बसेरे में टॉयलेट की व्यवस्था भी जल्द कराई जाएगी।
