आबादी से दूर खुले मैदान में लगेंगी पटाखों की अस्थायी दुकानें, मंडलायुक्त और डीआईजी ने दिए निर्देश

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धनतेरस, दीपावली और छठ पर्व को लेकर मंडलीय कानून व्यवस्था की समीक्षा, पीस कमेटी की बैठक कर जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर जोर

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए मंडलायुक्त विवेक और पुलिस उपमहानिरीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बुधवार को मंडलायुक्त सभागार में मंडलीय कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। बैठक में धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पर्व के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि आजमगढ़, मऊ और बलिया में पटाखों की अस्थायी दुकानें आबादी से दूर खुले मैदान में चिह्नित स्थलों पर ही लगाई जाएं।मंडलायुक्त और डीआईजी ने सभी थानों, तहसीलों और जनपद मुख्यालय स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बैठकों में संभ्रांत नागरिकों और आयोजकों की ओर से उठाई जाने वाली जनसमस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका तत्काल निस्तारण कराया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देशदीपावली के मद्देनजर मंडल के तीनों जनपदों में अवैध पटाखों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ प्रभावी निरीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि पटाखों की अस्थायी दुकानें निर्धारित मानकों के अनुसार ही लगाई जाएं। दुकानों के पास बालू की बोरियां, अग्निशमन यंत्र और पानी से भरे ड्रम उपलब्ध रहें। दो दुकानों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखी जाए तथा पटाखों की दुकानों के आसपास ज्वलनशील सामग्री नहीं रखी जाए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।लंबित विवेचनाओं और अपराध नियंत्रण पर जोरबैठक में पुलिस विभाग से संबंधित लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने प्रमुख अपराधों, महिला अपराधों और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न से संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।उन्होंने मंडल में संचालित अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखने और अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आईबी, एलआईयू, आर्थिक अपराध शाखा और एसआईटी जैसी विशेष इकाइयों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।शंभूपुर हत्याकांड में पुलिस की कार्यशैली की सराहनाहाल ही में शंभूपुर, अहरौला हत्याकांड में पुलिस द्वारा साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए दोनों बच्चियों को सुरक्षित बचाने के प्रयासों की मंडलायुक्त और डीआईजी ने सराहना की। बच्चियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस विभाग की ओर से किए गए प्रयासों तथा जिलाधिकारी द्वारा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और तीनों परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने के कार्य की भी प्रशंसा की गई।जनता दर्शन की होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंगशासन के निर्देशों के क्रम में अब मंडलायुक्त और डीआईजी मंडल के सभी थानों एवं तहसीलों में आयोजित जनता दर्शन से ऑनलाइन जुड़कर शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी निगरानी करेंगे। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि संपूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस में राजस्व से संबंधित प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करे। संबंधित पक्षों की सहमति और नियमानुसार शिकायतों का समाधान सुनिश्चित कराया जाए।बैठक में जिलाधिकारी आजमगढ़ रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी मऊ आनंद वर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक मऊ सर्वेश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक बलिया ईराज राजा, अपर आयुक्त प्रमोद कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ कमलकिशोर कंडारकर, मुख्य विकास अधिकारी मऊ ध्रुव खाड़िया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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