

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़।आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत आजमगढ़ में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपैट (वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल) मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का कार्य शुरू हो गया है। 12 अक्टूबर से जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस में चल रही इस प्रक्रिया का भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक डीआर भामर ने निरीक्षण किया।गुजरात के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डीआर भामर ने ईवीएम वेयरहाउस पहुंचकर मशीनों की जांच से संबंधित विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित मानकों के अनुसार जांच प्रक्रिया संपन्न कराने पर जोर दिया। एफएलसी का उद्देश्य आगामी चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की कार्यक्षमता और तकनीकी स्थिति की जांच करना है, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार, संयुक्त मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव ओझा सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण है। इस प्रक्रिया को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। जांच के दौरान मशीनों की तकनीकी स्थिति और कार्यशीलता सुनिश्चित करने के साथ निर्वाचन प्रक्रिया की शुचिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव ओझा ने बताया कि एफएलसी का कार्य जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर स्थित ईवीएम वेयरहाउस में प्रारंभ हो चुका है। संबंधित अधिकारियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच कराई जा रही है।आजमगढ़ में चुनावी तैयारियों के इस महत्वपूर्ण चरण के तहत ईवीएम-वीवीपैट की जांच पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि आगामी विधानसभा निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की तैयारियां सुनिश्चित की जा सकें।
