

2800 ग्रेड पे, तकनीकी पद का दर्जा और भत्तों में बढ़ोतरी की मांग, 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता, आजमगढ़।उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर शनिवार को तहसील बूढ़नपुर में लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। तहसील परिसर में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक धरना देकर लेखपालों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। धरना सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष दिलीप पाठक ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन उनकी कई मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्यों में जीएनएसएस रोवर, लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कराया जा रहा है, इसके बावजूद लेखपाल पद को तकनीकी पद का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने भत्तों में बढ़ोतरी की भी मांग की। तहसील अध्यक्ष विक्रम सिंह और तहसील मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि करीब 2700 लेखपाल अपने गृह जनपद से 400 से 800 किलोमीटर दूर तैनात हैं। उनके अनुसार, पिछले आठ वर्षों से अंतर्मंडलीय स्थानांतरण नहीं हुए हैं। वहीं, दो वर्षों से राजस्व निरीक्षक पद की डीपीसी लंबित है। चयन वर्ष 2024 में नियुक्त लेखपालों के स्थायीकरण में भी देरी का आरोप लगाया गया। लेखपाल संघ ने प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे देने और वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण शुरू करने, राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए लंबित डीपीसी सूची जारी करने की मांग की है। इसके अलावा नव नियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित कर स्थायीकरण करने की मांग भी शामिल है।संघ ने मोटरसाइकिल भत्ता 3000 रुपये, स्टेशनरी भत्ता 500 रुपये और विशेष भत्ता 1000 रुपये करने की मांग रखी है। पटल सहायक और प्रभारी राजस्व निरीक्षक से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने, ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा और भत्ता उपलब्ध कराए बिना रोस्टर व्यवस्था लागू न करने तथा लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। लेखपाल संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ के अनुसार, आठ अक्तूबर से तहसील प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुपों से लेखपाल बाहर होंगे और आय, जाति, निवास, खसरा तथा फार्मर रजिस्ट्री समेत ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करेंगे। 10 अक्तूबर को थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया जाएगा। 12 अक्तूबर को तहसील और जिला स्तर पर रक्तदान शिविर, 14 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली और जिलाधिकारी को ज्ञापन देने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। 17 से 23 अक्तूबर तक सभी तहसीलों में सुबह 10 से शाम चार बजे तक कार्य बहिष्कार और धरना दिया जाएगा। इसके बाद 24 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर संपूर्ण कार्य बहिष्कार के साथ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
