

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। आगरा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर हुए प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग से जुड़े पदाधिकारी राम प्यारे यादव ने राज्यपाल को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।30 सितंबर 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान महासचिव संगठन अनिल यादव, मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ आगरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेताओं पर फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है और इसे असंवैधानिक बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।पत्र में कहा गया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विभिन्न राज्यों की चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के विरोध में कांग्रेस की ओर से आंदोलन किया जा रहा था। इसी दौरान आगरा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।प्रार्थना पत्र में राज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे को समाप्त कराया जाए।गौरतलब है कि आगरा पुलिस ने प्रदर्शन के मामले में अनिल यादव और मुकेश धनगर समेत छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सभी को अदालत में पेश किए जाने के बाद 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मामले में हत्या के प्रयास समेत भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं।
