

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। नवरात्रि और दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आजमगढ़ में जगह-जगह दुर्गा पूजा पंडालों के लिए प्रतिमाओं का निर्माण शुरू हो चुका है। इसी बीच रानी की सराय में तैयार की जा रही एक अनोखी प्रतिमा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि इसमें एक ही शरीर में भगवान शिव और माता पार्वती के स्वरूप को दर्शाया गया है। रानी की सराय के मूर्तिकार अरविंद सिंह पटेल की कार्यशाला में इस खास प्रतिमा को तैयार किया गया है। यहां स्थानीय कारीगरों के साथ पश्चिम बंगाल और कोलकाता से आए कारीगर भी अलग-अलग डिजाइन की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। मूर्तिकार के मुताबिक लोग अपनी पसंद और डिजाइन के अनुसार प्रतिमाओं का ऑर्डर देते हैं।अरविंद सिंह पटेल ने बताया कि इस बार तैयार की गई शिव-पार्वती की यह प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। एक ही शरीर में भगवान शिव और माता पार्वती के दो अलग-अलग स्वरूपों को दर्शाया गया है।उनके मुताबिक आजमगढ़ में दुर्गा पूजा के दौरान इस तरह की प्रतिमा पहली बार प्रदर्शित की जाएगी। मूर्तिकार ने बताया कि इस अनोखी प्रतिमा का आइडिया उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक डिजाइन देखने के बाद आया। इसके बाद उन्होंने उसी तर्ज पर प्रतिमा तैयार करने का फैसला किया। इसे बनाने में करीब 15 दिन से अधिक का समय लगा और लगभग 50 हजार रुपये की लागत आई है। प्रतिमा निर्माण में पारंपरिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। सबसे पहले बांस और अन्य सामग्री से प्रतिमा का ढांचा तैयार किया गया, इसके बाद काली मिट्टी की परत चढ़ाई गई और अंतिम फिनिशिंग के लिए बालू मिट्टी का प्रयोग किया गया। कई चरणों की मेहनत के बाद यह अनोखी प्रतिमा अपने अंतिम रूप में तैयार हुई है। कारीगरों की मेहनत और अनोखी कलाकारी से तैयार यह शिव-पार्वती की प्रतिमा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
