

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता, आजमगढ़।अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुए हत्याकांड का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान आरोपी अरविंद द्वारा अपनी पत्नी और दो ब्राह्मणों पर कथित तौर पर ताबड़तोड़ फायरिंग किए जाने से उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई में आरोपी की भी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान आरोपी के बच्चों की भी गोली लगने से मौत हुई।घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एटीएस कमांडो को भी मौके पर बुलाया गया था। हालांकि पुलिस के अनुसार ऑपरेशन को समय रहते पूरा कर लिया गया।अब इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के लालगंज सांसद दरोगा प्रसाद सरोज के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मीडिया से बातचीत में सांसद ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीसीआईडी से जांच कराने की बात कही।सांसद ने पत्रकारों को पीड़ित परिवार से मिलने से रोके जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सपा प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल में आरोपी के बच्चों के शवों को देखा और इसके बाद घटनास्थल का भी दौरा करने की बात कही, जहां स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जाएगी।दरोगा प्रसाद सरोज ने कहा कि यदि पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आती है तो इसे सदन में उठाया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा कि आखिर बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।वहीं, परिवार के कुछ सदस्यों की ओर से आरोप लगाया गया है कि बच्चों की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई। दूसरी तरफ पुलिस लगातार अपना पक्ष जारी कर रही है और उसका कहना है कि मुठभेड़ के दौरान आरोपी अरविंद ने ही अपने बच्चों को गोली मारी थी।फिलहाल बच्चों की मौत को लेकर सामने आ रहे अलग-अलग दावों के बीच मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
