जीडी ग्लोबल स्कूल में हर्षोल्लास एवं रचनात्मकता के साथ मनाया गया दीपावली उत्सव

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गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। करतारपुर बाईपास स्थित जीडी ग्लोबल स्कूल में दीपावली के पावन पर्व के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों द्वारा उत्साह, उमंग एवं रचनात्मकता से परिपूर्ण विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर दीपावली की पारंपरिक छटा, आकर्षक रंगोलियों, मनमोहक सजावट और उत्सवी उल्लास से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न रंगों एवं आकृतियों से सुंदर और आकर्षक रंगोलियाँ बनाईं। रंगोलियों के माध्यम से दीपावली के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक संदेशों को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई रंगोली ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं, सामूहिक सहयोग और रचनात्मक अभिव्यक्ति से जुड़ने का अवसर मिला। कार्यक्रम में विद्यालय की निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल, प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक श्री श्रीश अग्रवाल एवं प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली भुस्कुटे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर निदेशिका श्रीमती स्वाति अग्रवाल ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं कलात्मक अभिव्यक्ति की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के परिचायक हैं। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें सृजनात्मकता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करते हैं। प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव, सहयोग और खुशियाँ बाँटने का संदेश देने वाला त्योहार है। विद्यार्थियों को त्योहारों के वास्तविक मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। कार्यकारी निदेशक श्री श्रीश अग्रवाल ने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभा को निखारना और उन्हें भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से परिचित कराना भी है। इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रधानाचार्या श्रीमती दीपाली भुस्कुटे ने अपने संबोधन में कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। हमें इस पर्व को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षित उत्सव और आपसी सौहार्द के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल दीपावली मनाने का संदेश दिया। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।

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