

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार को शाम में पूजा के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बताया गया कि बाजार से घर पहुंचे अरविंद सिंह के घर पर पूजा हो रही पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि उसी दौरान अरविंद ने घर में रखी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी, गोली लगने से उसकी पत्नी 32 वर्षीय बबीता समेत दो पंडितों की मौत हो गई। मृतकों में पंडित 60 वर्ष के महेंद्र पाठक और 50 वर्ष के अखिलेश मिश्रा बताए जा रहे हैं। आरोपी फायरिंग के बाद अपने को बचाने के लिए बच्चों के साथ घर में खुद को बंद कर लिया, जहां वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा, DIG सुनील सिंह तथा जिले के आला अधिकारी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और कई घंटे लगे रेस्क्यू ऑपरेशन करने में लगे रहे। जानकारी के अनुसार तीन-चार दिन से अरविंद सिंह के घर में पूजा चल रही थी। मंगलवार की शाम को घर में तीन पंडित, अरविंद की पत्नी बबीता और उनके बच्चे मौजूद थे। शाम करीब 6-7 बजे अरविंद बाजार से घर पहुंचे, जहां घर में पूजा होते देखकर उन्होंने पंडितों से जानकारी ली। इसके बाद बौखला कर पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस होने लगी। आरोप है कि विवाद के दौरान अरविंद ने लाइसेंसी पिस्टल निकालकर फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी पत्नी बबीता और दो पंडित घायल हो गए, जहां कुछ देर बाद तीनों की मौत हो गई। फायरिंग होते ही पूजा में शामिल अन्य पंडित मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच में लगे। वहीं तीनों डेड बॉडी को पुलिस कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा कि आरोपी अरविंद सिंह के बड़े भाई गुड्डू सिंह का कई साल पहले आपसी रंजीत को लेकर मर्डर हुआ था, जिसके चलते अरविंद डिप्रेशन में चल रहे थे। जहां उनकी पत्नी शांतिपाठ व अन्य पूजा करवाना चाह रही थीं, जिसका वह विरोध कर रहे थे। घटना के बाद पुलिस हथियार समेत फायरिंग से जुड़े साक्ष्य संकलन करने तथा कार्यवाही में लगी रही। आपको बता दें कि इस पूरे घटना को लेकर जिले के कई थाने की फोर्स तथा आजमगढ़ परिक्षेत्र के डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारी मौके पर कई घंटे तक मौजूद रहे। घटना की गंभीरता को लेकर वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पूरे संयम का परिचय दिया, कमांडो के जरिए रेस्क्यू करने की कोशिश की गई। इसी बीच एसएसपी की टीम जब बातचीत करने अंदर पहुंची तो आरोपी ने अपने बेटे को गोली मार दिया। ऐसी स्थिति में पुलिस के पास कोई चारा नहीं था, पुलिस बंधक बच्चों को बचाने का प्रयास कर ही रही थी, जैसे ही पुलिस बच्चों को बचाने के लिए आगे बढ़ी उसने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग किया, जिसमें आरोपी अरविंद गंभीर रूप से घायल हुआ। जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई है। जबकि आरोपी की गोली से घायल 8 वर्षीय बच्चे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई।
