

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। दुर्गा पूजा एवं विजयादशमी पर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आर्यमगढ़ दुर्गा पूजा महासमिति ने नगर में स्थायी दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल विकसित करने की मांग उठाई है। महासमिति के अध्यक्ष अरविन्द मोदनवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्थायी एवं सर्वसुविधायुक्त विसर्जन स्थल बनाए जाने की मांग की।महासमिति अध्यक्ष अरविन्द मोदनवाल ने कहा कि स्थायी विसर्जन स्थल की जरूरत धार्मिक आयोजन के साथ-साथ जनसुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी है। वर्तमान में नगर की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन हथिया एवं सिधारी तट के आसपास अस्थायी व्यवस्था के तहत कराया जाता है। भीड़, यातायात, नदी के जलस्तर और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।नगर संयोजक हिमांशु राज ने मांग की कि विसर्जन स्थल पर पक्का घाट, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था और सुगम पहुंच मार्ग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं। साथ ही हथिया गांव की ओर नया सुव्यवस्थित घाट बनाने तथा तमसा नदी के पुलों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर मजबूत सुरक्षा जाली अथवा रेलिंग लगाने की मांग की गई।महासमिति ने आगामी दुर्गा पूजा को देखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थलों का सर्वे कर समयबद्ध स्थायी कार्ययोजना तैयार करने का भी आग्रह किया। महासमिति ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की पहल से आजमगढ़ में विकसित होने वाला विसर्जन स्थल भविष्य में प्रदेश के लिए अनुकरणीय मॉडल बनेगा।ज्ञापन देने वालों में विकास वर्मा, मिथुन निषाद, श्रीचन्द्र मौर्य, विशाल गुप्ता, हरिओम मोदनवाल, राजेंद्र गुप्ता, आदित्य सोनकर, विश्वजीत सिंह, शेखर मौर्या, विजय प्रकाश श्रीवास्तव, बलराम अग्रवाल, शुभम गौड़, विकास जायसवाल, गौतम बरनवाल, शिवम यादव, संदीप चौहान, दीपू दुबे, आशुतोष शर्मा, अमन चौधरी, अमन गर्ग, प्रताप मद्धेशिया, अरुण गुप्ता, राम विजय, अंकित गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, रिंकू सिंह सरदार, अजय मराठा, शानू चौरसिया, सुधीर गुप्ता, अभय रस्तोगी, सुशील प्रजापति, डॉ. अनुतोष वत्सल आदि शामिल रहे।
