

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। मंगलवार को हरिऔध कला केंद्र में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान की अध्यक्षता में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा और सुना गया। इस दौरान जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह सहित अधिकारी और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय ₹8 हजार से बढ़ाकर ₹12 हजार प्रतिमाह, जबकि सहायिकाओं का मानदेय ₹4 हजार से बढ़ाकर ₹6 हजार प्रतिमाह कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान जनपद में तीन बच्चों का अन्नप्राशन और तीन गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई गई। सैम श्रेणी से सामान्य श्रेणी में सुधार करने वाले 15 बच्चों के अभिभावकों को पोषण पोटली प्रदान की गई। साथ ही इन बच्चों को पोषण की दिशा में बेहतर स्थिति तक पहुंचाने वाली 15 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों को बेबी किट और उनकी माताओं को अंगवस्त्रम भी प्रदान किया गया। कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कुपोषित बच्चों को सामान्य स्थिति में लाने, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के पोषण तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पात्र परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में 5,588 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। मानदेय वृद्धि का सीधा लाभ 5,522 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 5,323 सहायिकाओं को मिलेगा। उन्होंने बताया कि इन केंद्रों से चार लाख से अधिक बच्चे एवं महिलाएं पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की मेहनत से लगभग 60 अति कुपोषित और करीब 400 कुपोषित बच्चे कुपोषण से बाहर आए हैं। जिलाधिकारी ने कार्यकत्रियों से गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण, आयरन-फोलिक एसिड की उपलब्धता, पोषक आहार, बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित कराने का आह्वान किया। उन्होंने स्थानीय एवं मौसमी फल-सब्जियों तथा पौष्टिक खाद्य पदार्थों के प्रति परिवारों को जागरूक करने और जरूरत पड़ने पर अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र तक पहुंचाने पर जोर दिया।
