

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ अतरौलिया। थाना क्षेत्र के देवीगंज बाजार (लोहरा) में दरवाजे के सामने वाहन खड़ा करने को लेकर चल रहा पुराना विवाद शनिवार रात मारपीट तक पहुंच गया। दो महिलाओं ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रदेश महासचिव रमेश गौड़ समेत चार लोगों पर घर में घुसकर मारपीट, अभद्रता, कपड़े फाड़ने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिलाओं ने रविवार को अतरौलिया थाने पहुंचकर नामजद तहरीर दी और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।गांव निवासी सरिता गौड़ पत्नी अनूप गौड़ और उनकी जेठानी पूजा गौड़ पत्नी विनोद गौड़ का आरोप है कि विपक्षी पक्ष के लोग आए दिन उनके दरवाजे के सामने वाहन खड़ा कर देते हैं। वाहन हटाने के लिए कहने पर गाली-गलौज की जाती थी।महिलाओं के मुताबिक, 5 सितंबर की रात करीब नौ बजे सुभासपा प्रदेश महासचिव रमेश गौड़, उनके पिता बैजू उर्फ बैजनाथ गौड़, पुत्र विकास गौड़ और पत्नी चिंता गौड़ उनके दरवाजे पर पहुंचे और विवाद करने लगे। आरोप है कि इस दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लात-घूंसों और डंडों से मारपीट की गई। विरोध करने पर महिलाओं को हाथ पकड़कर घसीटा गया और कपड़े भी फाड़ दिए गए।शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कराया। सरिता गौड़ का आरोप है कि सूचना पर रात में डायल-112 पुलिस भी मौके पर पहुंची। आरोप है कि इस दौरान भी विपक्षी पक्ष की ओर से धमकी दी गई और राजनीतिक प्रभाव का हवाला देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाया।पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि 6 सितंबर की सुबह करीब चार बजे शौच के लिए जाते समय रास्ते में आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और खींचकर अभद्रता करने का प्रयास किया। शोर मचाने पर ग्रामीणों के पहुंचने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से चले गए। महिला के मुताबिक, छीना-झपटी में उनके कपड़े फट गए, चूड़ियां टूट गईं और शरीर पर चोटें आईं। उन्होंने कान और कंधे में चोट लगने की बात कही है।दोनों महिलाओं ने पुलिस को बताया कि फिलहाल उनके घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं है, जिसके चलते घटना के बाद परिवार में भय का माहौल है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।वहीं, आरोपी सुभासपा नेता रमेश गौड़ ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि वे अपनी गाड़ी अपने घर पर ही खड़ी करते हैं। कभी-कभी गाड़ी आगे-पीछे हो जाती है। महिलाओं की ओर से लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत हैं।थानाध्यक्ष देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि महिलाओं की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
