

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹26.70 लाख की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ित को खुद को अधिकारी बताकर उसके खाते से गलत लेन-देन होने और उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने का भय दिखाया था। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पीड़ित से ₹26.70 लाख अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे अलग-अलग मोबाइल नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल की गई। कॉल करने वालों ने खुद को CIO अधिकारी बताते हुए खाते में गलत लेन-देन की बात कही और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने का डर दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद उससे धनराशि ट्रांसफर कराई गई।मामले में थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ में मुकदमा दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच में जहांगीर आलम (27) पुत्र मो. रईस, निवासी ग्राम मछली माहौल, लालकुर्ती, आमीनाबाद, लखनऊ का नाम सामने आया। पुलिस टीम ने लखनऊ पहुंचकर आरोपी को पूछताछ के लिए आजमगढ़ लाया। घटना में संलिप्तता प्रमाणित होने पर 20 अगस्त को उसे पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।पुलिस के अनुसार आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर लोगों को व्हाट्सऐप कॉल करता था। खुद को पुलिस या अधिकारी बताकर पीड़ितों को मुकदमे और गिरफ्तारी का भय दिखाया जाता था। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट का दबाव बनाकर गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर उनके खातों से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली जाती थी।आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, ₹2,070 नकद और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संबंधित सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 318(4), 319(2), 204, 317(2) बीएनएस तथा 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह, उपनिरीक्षक रजत सिंह समेत साइबर क्राइम थाना और सर्विलांस सेल के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
