


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र के दौरान आजमगढ़ के एमएलसी शाह आलम (गुड्डू जमाली) ने सगड़ी और गोपालपुर के देवारा क्षेत्र के गन्ना किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से सदन में उठाया। उन्होंने गन्ने की फसल के गलत मूल्यांकन, सठियांव चीनी मिल में किसानों के शोषण तथा मेहनगर क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़क के मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।एमएलसी शाह आलम ने कहा कि किसानों की गन्ने की फसल अभी पूरी तरह विकसित भी नहीं हुई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने समय से पहले सर्वे कर उसे ‘थर्ड कैटेगरी’ में डाल दिया। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मांग की कि फसल के विकसित होने के बाद दोबारा सर्वे कराया जाए ताकि किसानों को उचित लाभ मिल सके।उन्होंने सठियांव चीनी मिल में किसानों के शोषण का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार मिल परिसर में किसानों की गाड़ियां लंबे समय तक कतार में खड़ी रहती हैं, समय पर पर्चियां नहीं मिलतीं और बिचौलियों की वजह से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।इसके अलावा एमएलसी ने तहसील मेहनगर के बिंद्राबाजार-खालिसपुर लहबरिया लिंक रोड पर मगही नदी के पास लगभग 300 मीटर क्षतिग्रस्त खड़ंजा मार्ग का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, मरीजों और स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस मार्ग के तत्काल नवनिर्माण और उच्चीकरण की मांग की।सदन में मंत्री ने एमएलसी शाह आलम की मांगों पर आश्वासन देते हुए कहा कि गन्ने की फसल का दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा तथा संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
