आजमगढ़ पहुंचे अखिलेश यादव, दिवंगत विधायक आलम बदी आज़मी को दी श्रद्धांजलि; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले- सरकार झुक गई, अब जाने का वक्त आ गया है

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गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को आजमगढ़ पहुंचे। उन्होंने शहर के कुर्मी टोला स्थित दिवंगत सपा विधायक आलम बदी आज़मी के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा परिवार के साथ खड़ी है और हर परिस्थिति में उनका साथ देती रहेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश की नई पीढ़ी और युवाओं की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के आंदोलन ने भारतीय जनता पार्टी को झुकने पर मजबूर कर दिया है और अब सरकार को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।अखिलेश यादव सपा विधायक आलमबदी के निधन पर उनके आवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करने आए थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी व्यवस्था की गंभीर समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी और सख्त व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं की आवाज पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। युवाओं के आंदोलन का ही परिणाम है कि सरकार को बड़ा फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा, “नई पीढ़ी रात में जागती है, इसलिए प्रधानमंत्री को भी रात में भाषण देना पड़ा। यह युवाओं की बड़ी जीत है।”सपा प्रमुख ने कहा कि यह फैसला पहले ही लिया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार केवल प्रबंधन में लगी रही। उनका कहना था कि अब सभी राजनीतिक दलों को इस घटनाक्रम से सीख लेते हुए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना होगा ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों।अखिलेश यादव ने युवाओं के लिए रोजगार और सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। सरकार को युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनका समयबद्ध समाधान करना चाहिए।उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि सरकार को युवाओं की आवाज सुननी पड़ी है। साथ ही उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मिलकर काम करने की अपील की। अखिलेश यादव ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहना चाहिए, क्योंकि यह आंदोलन बदलाव की शुरुआत है।

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